चाहते है सिक्किम टूर प्लान करना यह है बेहतरीन तरीका

चाहते है सिक्किम टूर प्लान करना यह है बेहतरीन तरीका

Posted On : 2024-04-03

चाहते है सिक्किम टूर प्लान करना यह है बेहतरीन तरीका

सिक्किम भारत के उत्तर पूर्व भाग में पड़ता है। जिसकी सीमा भूटान, चीननेपाल से लगी हुई है। सिक्किम पर्यटन की दृष्टि से भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है, जिसकी आबादी लगभग 7 लाख है। यदि आप सिक्किम घूमना चाहते हैं, तो सिक्किम में बहुत सी महत्वपूर्ण जगह है जो आपके सफर को यादगार बना देगी।

 

You Might Be Like These Suggested Tours

सिक्किम के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल

गंगटोक

गंगटोक सिक्किम की राजधानी होने के साथ-साथ एक बहुत महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, जो की 1650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। गंगटोक पूर्वी हिमालय की शिवालिक पहाड़ियों के ऊपर बसा सिक्किम का सबसे बड़ा क्षेत्र है। गंगटोक के आसपास घूमने की प्रमुख जगहों में बाबा हरभजन मंदिर, त्सोमो झील, नाथुला पास इत्यादि प्रमुख जगह हैं।

Need To Plan a Trip? Just Fill Details

बाबा हरभजन मंदिर – यह मंदिर समुद्र तल से 4000 मीटर की ऊंचाई पर नाथुला पास के समीप स्थित है। यह मंदिर पूर्व सैनिक बाबा हरभजन के नाम पर बनाया गया है। कहा जाता है कि बाबा हरभजन आज भी मृत्यु उपरांत भारतीय सेवा में सेवारत हैं व चीनी बॉर्डर पर किसी भी अनावश्यक गतिविधि की सूचना वे भारतीय सैनिकों को करा देते हैं। हैरानी की बात यह भी है, कि भारतीय सेना आज भी उन्हें मृत्यु उपरांत सैलरी देती है।

नाथुला पास - यह पास समुद्र तल से 4310 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो की सेवा के द्वारा ऑपरेट किया जाता है। नाथुला पास सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण बंद कर दिया जाता है; जिसे मार्च में दोबारा खोला जाता है। यहां लगभग अप्रैल, मई तक बर्फ देखने को मिलती है। बॉर्डर एरिया होने के कारण यहां जाने के लिए एक विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है; इसलिए यहां केवल भारतीय नागरिक ही जा सकते हैं।

त्सोमो झील - यह झील समुद्र तल से 3753 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो की गंगटोक से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर है। यह झील तिब्बत के एकदम समीप स्थित है, यहां से तिब्बत की दूरी महज 5 किलोमीटर ही रह जाती है। इस झील में ग्लेशियर का पानी एकत्रित होता रहता है; जोकि सर्दियों में पूरी तरह से जम जाता है। यह झील पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र भी है।

 

इसके अलावा गंगटोक में तासी व्यू प्वाइंट, बन जाखरी वॉटरफॉल, हनुमान टोक, गणेश टोक एमजी रोड इत्यादि पर्यटन स्थल मौजूद है।

 

लाचेन

लाचेन सिक्किम का एक प्रमुख हिस्सा है, जोकि हाल में आई आपदा के बाद से बंद है। लेकिन यह भी सिक्किम के पर्यटन का बहुत बड़ा हिस्सा है। लाचेन जाने के लिए पर्यटकों को गंगटोक से 2 दिन का समय लेकर जाना होता है। लाचेन में गुरूडोंगमार लेक सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जहां जाने के लिए इनर लाइन परमिट की आवश्यकता होती है। यह झील समुद्र तल से 4330 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह झील धार्मिक दृष्टिकोण से सिखों व बौद्ध धर्म के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। गुरूडोंगमार लेक चीनी सीमा के पास होने के कारण यहां पर विदेशी सैलानियों का प्रवेश पूर्णतया वर्जित है।

 

लाचुंग

यह समुद्र तल से 3900 मीटर की हाइट पर स्थित है। यह स्थान अत्यंत सुंदर प्राकृतिक नजारों से भरा हुआ है। यहां घूमने के लिए भी पर्यटक को लगभग दो दिन के पर्याप्त समय की आवश्यकता होती है। यहां यमथांग वैली, माउंट कटाओ पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इसके अलावा जीरो प्वॉइंट भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। यहां भी इनर लाइन परमिट की आवश्यकता होती है, क्योंकि यह भी भारत चीन सीमा के समीप का बॉर्डर एरिया पड़ता है।

 

पेलिंग

पेलिंग सिक्किम राज्य के पश्चिम हिस्से में स्थित है। यह सिक्किम की राजधानी गंगटोक से 160 किलोमीटर की दूरी पर है, जिसे तय करने में लगभग 5 से 6 घंटे का समय लगता है। पेलिंग की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 2150 मीटर है। यह स्थान बौद्ध धर्म से संबंधित मठों, प्राकृतिक झरनों, सुंदर नजारों व मनोरंजक गतिविधियों के लिए के लिए प्रसिद्ध है। खेचेयोपलरी झील, कंचनजंगा वॉटरफॉल्स, मॉनेस्ट्री, बर्ड सेंचुरी, दरप विलेज, ऑरेंज गार्डन, हेलीपैड व्यूस्काईवॉक इत्यादि प्रमुख पर्यटन स्थल पेलिंग में स्थित है।

 

सिक्किम पर्यटन के लिए उपयुक्त समय

पर्यटकों की सबसे ज्यादा भीड़ सिक्किम में मार्च से मई महीने के बीच में देखने को मिलती है, इस समय यहां का तापमान 15 से 25 डिग्री सेल्सियस पर बना रहता है; जो की एक सुहावना वातावरण का अनुभव कराता है और इस समय हरियाली भी अपने चरम पर होती है।

इसके अलावा यदि आप सिक्किम में बर्फबारी का आनंद लेना चाहते हैं व बर्फ से संबंधित रोचक गतिविधियों को करना चाहते हैं, तो नवंबर से जनवरी का समय एक बेहतर ऑप्शन है। जब आपको बर्फबारी देखने को मिलती है।

अक्टूबर से दिसंबर के प्रारंभ तक भी सिक्किम घूमने का एक सही समय होता है। जब आप ठंड के साथ प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकते हैं।

 

सिक्किम यात्रा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

सिक्किम घूमने आने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का आवश्यक ख्याल रखना चाहिए। जिससे आपकी यात्रा मंगलमय हो व आपको यात्रा के समय किसी प्रकार की दिक्कत व परेशानी का सामना न करना पड़े इसके लिए आपको इन निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए:-

  1. सिक्किम चीन बॉर्डर के समीप का राज्य है, इसलिए बॉर्डर के समीप पर्यटन स्थल के लिए केवल भारतीय ही जा सकते हैं। यहां किसी भी विदेशी नागरिक का प्रवेश वर्जित है।
  2. सिक्किम के बॉर्डर एरिया में घूमने के लिए एक विशेष इनर लाइन परमिट की आवश्यकता होती है।
  3. इनर लाइन परमिट के लिए ड्राइविंग लाइसेंस व वोटर आईडी कार्ड इस्तेमाल कर सकते हैं; लेकिन यहां आधार कार्ड मान्य नहीं होता है।
  4. लाचेन व लाचुंग के लिए केवल एसयूवी गाड़ियों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यहां की सड़के प्राय: मौसम की वजह से खराब ही रहती है।

 

सिक्किम पहुंचने के लिए मार्ग

  • वायु मार्ग – सिक्किम जाने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट बागडोगरा एयरपोर्ट पड़ता है। जोकि पश्चिम बंगाल में स्थित है। यह एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जिसके माध्यम से भारत के लगभग हर एक एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी देखने को मिलती है। इसके अलावा गंगटोक में भी एक हवाई अड्डा है, लेकिन यहां आने के लिए बहुत कम ही विमान सेवा देखने को मिलती है।
  • रेल मार्ग - सिक्किम में कोई भी रेल मार्ग उपलब्ध नहीं है। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीक का रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ीसिलीगुड़ी रेलवे स्टेशन है। यहां दिल्ली, कोलकाता व भारत के अनेक भागों से सीधी ट्रेन देखने को मिलती है।
  • सड़क मार्ग - नेशनल हाईवे संख्या 10 सिक्किम की राजधानी गंगटोक को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जोड़ता है। जिसके माध्यम से आसानी से भारत के किसी भी भाग के द्वारा पश्चिम बंगाल से होते हुए सिक्किम पहुंचा जा सकता है। NH10 की कुल लंबाई 174 किलोमीटर है जो की सिलीगुड़ी, कालिमपोंग और गंगटोक को आपस में जोड़ती है।

 

 

Category